अपोलो हॉस्पिटल, डॉ रेड्डीज ने स्पूतनिक-V के साथ वैक्सीनेशन शुरू करने का किया ऐलान - SARKARI JOB INDIAN

अपोलो हॉस्पिटल, डॉ रेड्डीज ने स्पूतनिक-V के साथ वैक्सीनेशन शुरू करने का किया ऐलान

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अपोलो हॉस्पिटल, डॉ रेड्डीज ने स्पूतनिक-V के साथ वैक्सीनेशन शुरू करने का किया ऐलान

Apollo Hospital और Dr. Reddy’s Lab ने हाथ मिलाया

नई दिल्ली: अपोलो हॉस्पिटल और डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज (Apollo Hospital, Dr. Reddy’s Lab) ने स्पूतनिक-V (Sputnik V) के साथ कोविड-19 टीकाकरण कार्यक्रम शुरू करने के लिए आपस में गठजोड़ किया है. एक बयान के मुताबिक टीकाकरण कार्यक्रम के पहले चरण की शुरुआत अपोलो के केंद्रों में सोमवार को हैदराबाद में और इसके बाद मंगलवार (18 मई) को विशाखापत्तनम में होगी. इसके बाद टीकाकरण कार्यक्रम का विस्तार दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, अहमदाबाद, चेन्नई, कोलकाता और पुणे में किया जाएगा.

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अपोलो हॉस्पिटल की संयुक्त प्रबंध निदेशक संगीता रेड्डी (Sangeeta Reddy, joint managing director of Apollo Hospital)ने कहा कि अपोलो को एक महीने की अवधि में कोविड-19 वैक्सीन की 10 लाख खुराकें मिलेंगी. उन्होंने ट्वीट किया कि यह बताते हुए खुशी है कि अपोलो हॉस्पिटल ने भारत में इस्तेमाल की इजाजत पाने वाली पहली विदेशी वैक्सीन स्पुतनिक वी के लिए डॉ रेड्डीज के साथ साझेदारी की है. इसके साथ ही हमें लोगों के टीकाकरण के लिए एक महीने में 10 लाख से अधिक खुराकें मिलेंगी.

टीकाकरण के लिए सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन किया जाएगा, जिसमें कोविन पर पंजीकरण शामिल है. अपोलो हॉस्पिटल के अध्यक्ष (चिकित्सा प्रभाग) हरि प्रसाद ने कहा कि इस पायलट चरण के जरिए डॉ रेड्डीज और अपोलो की व्यवस्थाओं तथा कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स का परीक्षण करने में मदद मिलेगी. हमें भरोसा है कि स्पूतनिक-V वैक्सीन के साथ, हम कोविड वैक्सीन की उपलब्धता और पहुंच को आसान बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे.

भारत में कोरोना वायरस के नए मामलों में पिछले कुछ दिनों से कमी देखी जा रही है. सोमवार को संक्रमण के नए मामलों की संख्या तीन लाख से नीचे आ गई है. 21 अप्रैल के बाद पहली बार 3 लाख से कम नए मामले दर्ज हुए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) की ओर से सोमवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक, भारत में बीते 24 घंटे में 2,81,386 नए COVID-19 मामले सामने आए हैं. इस दौरान, 4,106 मरीजों की घातक वायरस की वजह से मौत हुई है. चिंता का विषय यह है कि मौतों का आंकड़ा अब भी 4,000 के पार बना हुआ है.

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