केरल के सीएम ने किया पलटवार, अमित शाह को ‘सांप्रदायिकता का मूर्त रूप’ कहा - SARKARI JOB INDIAN

केरल के सीएम ने किया पलटवार, अमित शाह को ‘सांप्रदायिकता का मूर्त रूप’ कहा

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केरल के सीएम ने किया पलटवार, अमित शाह को ‘सांप्रदायिकता का मूर्त रूप’ कहा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (फाइल फोटो).

धर्मादम (केरल): Kerala Assembly Elections 2021: केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) ने सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) पर पलटवार करते हुए उन्हें ‘सांप्रदायिकता का मूर्त रूप’ बताया. मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा (BJP) नेता कथित ‘अपहरण और फर्जी मुठभेड़’ के अपराध में जेल गए थे. विजयन ने सोहराबुद्दीन शेख मामले का संदर्भ देते हुए यह कहा. गौरतलब है कि एक दिन पहले शाह ने एक रैली में सोना और डॉलर तस्करी के मामले में विजयन से कुछ सवाल किए थे. इस पर वाम दल के नेता ने केंद्रीय मंत्री पर पलटवार करते हुए उनसे सवाल किया, “फर्जी मुठभेड़ और अपहरण” के मामले के आरोप पत्र में किसका नाम था?”

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विजयन ने आरोप लगाया, “अमित शाह सांप्रदायिकता के मूर्त रूप हैं. वह सांप्रदायिकता को बढ़ाने के लिए कुछ भी कर सकते हैं. भले ही वह मंत्री बन गए हों, लेकिन उनमें बहुत बदलाव नहीं आया है. सांप्रदायिकता का प्रचार करने वाले आरएसएस के नेता यहां हमें धर्मनिरपेक्षता का पाठ पढ़ाने आए हैं.”

केरल के मुख्यमंत्री ने सोमवार को कहा, ‘‘उन्होंने (शाह ने) कल मुझसे कुछ सवाल किए थे. मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि मैं वह व्यक्ति नहीं हूं, जो अपहरण के लिए जेल गया था. क्या अमित शाह को याद है कि फर्जी मुठभेड़ मामले के आरोपपत्र में किसका नाम था, जो गिरफ्तार हुआ था और जेल गया था?”

विजयन ने कन्नूर जिले के धर्मादम में एक चुनावी रैली में कहा, “ वह व्यक्ति हत्या, अपहरण, वसूली और गैरकानूनी निगरानी कराने का आरोपी था. और एक रहस्यम मौत पर क्या वह अपने अनुभव से बोल रहे हैं?” वह सोहराबुद्दीन शेख ‘फर्जी मुठभेड़’ मामले का हवाला दे रहे थे, जिसमें शाह को जुलाई 2010 में गिरफ्तार किया गया था. शाह ने गुजरात के गृह मंत्री के तौर पर इस्तीफा दे दिया था, हालांकि दिसंबर 2014 में सीबीआई की एक अदालत ने उन्हें मामले में आरोप मुक्त कर दिया था.

विजयन ने सीबीआई अदालत के न्यायाधीश बीएच लोया की रहस्यमय मौत का भी जिक्र किया, जो मामले की सुनवाई कर रहे थे. विजयन ने 2002 के गुजरात दंगों को ‘नरसंहार’ बताया और शाह के बेटे एवं बीसीसीआई सचिव जय शाह पर भी निशाना साधा. मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि भाजपा के केंद्र की सत्ता में आने के बाद तिरुवनंतपुरम हवाई अड्डे से सोने की तस्करी की घटनाओं में कैसे बढ़ोतरी हो रही है? जबकि यह हवाई अड्डा केंद्र सरकार के तहत आता है.

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