कोरोना की दोनों वैक्सीन ले चुके डॉक्टरों की मौत के केस बेहद कम,ज्यादातर ने पहली खुराक भी नहीं ली थी - SARKARI JOB INDIAN

कोरोना की दोनों वैक्सीन ले चुके डॉक्टरों की मौत के केस बेहद कम,ज्यादातर ने पहली खुराक भी नहीं ली थी

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कोरोना की दोनों वैक्सीन ले चुके डॉक्टरों की मौत के केस बेहद कम,ज्यादातर ने पहली खुराक भी नहीं ली थी

देश में हेल्थकेयर वर्करों के वैक्सीनेशन (Vaccination) का अभियान 4 माह से चल रहा है. (फाइल) 

नई दिल्ली: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) ने गुरुवार को ताजा आंकड़े जारी किए. आईएमए ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में अब तक 329 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है. जबकि देश में हेल्थकेयर वर्करों के वैक्सीनेशन (Vaccination) का अभियान 4 माह से चल रहा है. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ( Indian Medical Association) ने तीन दिन पहले कहा था कि 24 घंटे में देश में 50 डॉक्टरों ने कोरोना के कारण जान (India Doctors Death Corona) गंवाई है.हालांकि इनमें से सिर्फ 7 डॉक्टर ही ऐसे थे, जिन्हें कोरोना वैक्सीन (fully vaccinated) के दोनों टीके लग चुके थे. देश के नामी निजी अस्पतालों में से एक मैक्स हेल्थकेयर Max Healthcare) ने अपने अध्ययन में कहा है कि निस्संदेह कोरोना वैक्सीन की दोनों खुराक जिंदगी बचाने में सबसे महत्वपूर्ण है. 

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आईएमए ने पिछले हफ्ते बताया था कि कोरोना की दूसरी लहर (COVID-19 second wave) में अब तक 244 डॉक्टरों की मौत हो चुकी है उदाहरण के तौर पर 26 साल के डॉक्टर अनस मुजाहिद दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में रेजीडेंट डॉक्टर थे, जो एक डेडिकेटेड कोविड स्पेशियलिटी सेंटर है. लेकिन कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के कुछ घंटों के भीतर ही उनकी मौत हो गई.

मैक्स हास्पिटल का कहना है कि उसके यहां सभी 13,965 स्वास्थ्यकर्मियों ने कोविड वैक्सीन ली और उनमें से सिर्फ 6 फीसदी ही संक्रमित हुए. इनमें से 10 में से 9 मरीज घर पर ही स्वस्थ हो गए, जबकि 100 में से एक स्वास्थ्यकर्मी को ही अस्पताल में भर्ती (hospitalisation) कराने की जरूरत पड़ी. इसमें सिर्फ एक मौत का मामला सामने आया. अपोलो हेल्थकेयर (Apollo Healthcare) ने अपने अध्ययन में वैक्सीनेशन के पहले 100 दिन में ऐसे ही नतीजे पाए हैं. 

 

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