'कोविड पर भारत की मदद कभी भुला नहीं सकते', जयशंकर के दौरे पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री - SARKARI JOB INDIAN

‘कोविड पर भारत की मदद कभी भुला नहीं सकते’, जयशंकर के दौरे पर बोले अमेरिकी विदेश मंत्री

[ad_1]
[ad_1]

ब्लिंकन ने कहा कि कोविड-19 के आरंभिक दिनों में भारत ने अमेरिका का साथ दिया जिसे उनका देश हमेशा याद रखेगा. उन्होंने कहा, ‘‘अब हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम भारत के लिए और उसके साथ खड़े रहें.”

जयशंकर ने विदेश विभाग में संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने बहुत सारे मुद्दों पर चर्चा की. मुझे लगता है कि दोनों देशों के संबंध पिछले कुछ वर्षों में बहुत मजबूत हुए हैं और मैं आश्वस्त हूं कि आगे भी ऐसा होना जारी रहेगा.” जयशंकर ने कहा, ‘‘कठिन समय में साथ देने के लिए बाइडेन प्रशासन और अमेरिका का आभार जताना चाहता हूं.”

ब्लिंकन ने कहा कि भारत और अमेरिका ‘‘हमारे समय” की कई महत्वपूर्ण चुनौतियों पर साथ मिलकर काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम कोविड-19 से साथ मिलकर लड़ रहे हैं.”

इसके अलावा एस जयशंकर ने अमेरिका में भारत के राजदूत तरणजीत सिंह संधू और बाइडेन प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक के दौरान हिंद-प्रशांत से संबंधित मुद्दों तथा भारत और अमेरिका के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल, ज्ञान और अन्य क्षेत्रों में साझेदारी से संबंधित मुद्दों पर भी व्यापक चर्चा की.

जयशंकर द्वारा बाइडन प्रशासन में राष्ट्रीय खुफिया निदेशक एवरिल हैन्स के साथ अपनी बैठक को लेकर एक तस्वीर और पोस्ट को संधू ने बृहस्पतिवार को रीट्वीट करते हुए पर ट्विटर पर लिखा, ‘‘विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर की इंडिया हाउस में मेजबानी करने को लेकर प्रसन्न हूं.”

उन्होंने यहां भारतीय दूतावास में हुई बैठक को लेकर कहा कि हिंद-प्रशांत से संबंधित मुद्दों तथा भारत और अमेरिका के बीच स्वास्थ्य, डिजिटल और ज्ञान के क्षेत्रों में साझेदारी से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई. संधू ने व्हाइट हाउस, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद, यूनाइटेड स्टेट्स एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट (यूएसएआईडी), यूनाइटेड स्टेट्स मिशन टू द यूनाइटेड नेशंस (यूएसयूएन), नेशनल साइंस फाउंडेशन (एनएसएफ) तथा विदेश, वित्त, ऊर्जा, गृह सुरक्षा, रक्षा और वाणिज्य विभागों के ट्विटर हैंडल को टैग करते हुए कहा कि बैठक में अमेरिकी प्रशासन के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद थे.

इससे पहले, जयशंकर ने अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जैक सुलिवन से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान दोनों इस बात पर सहमत हुए कि लोगों के बीच संबंध और साझा मूल्य अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी का आधार है जो महामारी को समाप्त करने में मदद कर रहा है, एक मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत का समर्थन कर रहा है और जलवायु परिवर्तन पर एक वैश्विक नेतृत्व प्रदान कर रहा है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

[ad_2]
[ad_1]

Source link

Leave a comment