पश्चिम बंगाल : दूसरे चरण में 30 सीटों पर मतदान, नंदीग्राम पर टिकीं सभी की निगाहें - SARKARI JOB INDIAN

पश्चिम बंगाल : दूसरे चरण में 30 सीटों पर मतदान, नंदीग्राम पर टिकीं सभी की निगाहें

[ad_1]

उन्होंने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू हो जाएगा, जिस दौरान महत्वपूर्ण स्थानों पर राज्य पुलिस के कर्मियों को भी तैनात किया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 199 कंपनियां पूर्व मेदिनीपुर में, 210 कंपनियां पश्चिम मेदिनीपुर में, 170 कंपनियां दक्षिण 24 परगना में और 72 कंपनियां बांकुड़ा में तैनात की जाएंगी.

ममता बनर्जी पर नंदीग्राम में फिर हमला! बोलीं- चुनाव खत्म होने दो, देखती हूं कौन तुम्हें बचाता है

तृणमूल कांग्रेस और भाजपा इस चरण की सभी 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि माकपा ने 15 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारें हैं. वहीं संजुक्त (संयुक्त) मोर्चा में शामिल कांग्रेस ने 13 सीटों पर और आईएसएफ ने दो सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए हैं.

यह मतदान सख्त COVID-19 दिशा-निर्देशों के बीच होगा. पश्चिम मेदिनीपुर की नौ सीटों, बांकुड़ा की आठ, दक्षिण 24 परगना की चार और पूर्व मेदिनीपुर की नौ सीटों पर बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से वोट डाले जाएंगे. पूर्व मेदिनीपुर शुभेंदु अधिकारी का गृह जिला है और इसी जिले में नंदीग्राम सीट आती है, जहां उनका मुकाबला तृणमूल कांग्रेस प्रमुख बनर्जी से है.

बंगाल चुनाव : हुगली में जेपी नड्डा ने भरी हुंकार, बोले- ममता दीदी डर गई हैं, हार रही हैं नंदीग्राम

नंदीग्राम ने 2007 में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन के जरिए शक्तिशाली वाम सरकार की जड़ें हिला दी थीं. नंदीग्राम सीट पर अधिकारी की लड़ाई उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता के लिए महत्वपूर्ण है. अधिकारी की इस सीट से जीत उन्हें बंगाल के बड़े नेताओं की जमात में शामिल करा देगी और भाजपा को बहुमत मिलने की सूरत में वह मुख्यमंत्री पद के अन्य दावेदारों से आगे निकल सकते हैं.

बनर्जी के लिए इस सीट से जीतना सरकार की अगुवाई करने और पार्टी को एकजुट रखने के लिए महत्वपूर्ण है. दूसरी ओर, वाम-कांग्रेस-आईएसएफ गठबंधन ने नंदीग्राम सीट से माकपा की मीनाक्षी मुखर्जी को टिकट दिया है. इस सीट पर अपनी पार्टी की खोई जमीन को वापस हासिल करना उनके लिए चुनौती है. बनर्जी पिछले चार दिनों से नंदीग्राम में डेरा डाली हुई हैं. भाजपा ने अधिकारी के पक्ष में प्रचार करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सुपरस्टार मिथुन चक्रवर्ती समेत ‘बड़े चेहरों’ को उतारा है. अधिकारी ने 2016 में इस सीट से जीत हासिल की थी.

पश्चिम बंगाल चुनाव 2021: राष्ट्रगान शुरू होते ही व्हीलचेयर से उठ खड़ी हुईं ममता बनर्जी

इन 30 सीटों में से 2016 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल ने 23 सीटों पर जीत प्राप्त की थी जबकि पांच पर वाम मोर्चा के उम्मीदवार जीते थे और एक-एक सीट कांग्रेस एवं भाजपा के खाते में गई थी. राज्य में 2019 के चुनाव में राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं, जब भाजपा ने आदिवासी बहुल जंगल महल क्षेत्र और मेदिनीपुर पट्टी पर व्यापक उपस्थिति दर्ज कराते हुए सभी पांचों लोकसभा सीटों पर जीत हासिल की थी. हालांकि तृणमूलल दक्षिण 24 परगना जिले में अपना प्रभुत्व कायम रखने में कामयाब रही थी, जहां अल्पसंख्यकों की अच्छी-खासी आबादी है.

तृणमूल ने सबांग सीट से राज्यसभा सदस्य मानस भुइयां को उतारा है. वह तृणमूल से भाजपा में गए अमूल्य मैती के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं. बांकुड़ा सीट से तृणमूल ने बंगाली फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्री सयंतिका बनर्जी को टिकट दिया है. वह भाजपा के नीलाद्री शेखर डाना और संजुक्त मोर्चा की राधा रानी बनर्जी के खिलाफ मैदान में हैं.

ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान बताया अपना गोत्र तो गिरिराज सिंह ने दिया ये जवाब

डेब्रा सीट से दो पूर्व आईपीएस अधिकारी एक-दूसरे के खिलाफ मैदान में हैं. भाजपा की भारती घोष तृणमूल कांग्रेस के हुमांयू कबीर को चुनौती दे रही हैं. दोनों ने सक्रिय राजनीति में आने के लिए पुलिस विभाग के वरिष्ठ पदों से इस्तीफा दिया है.

VIDEO: नंदीग्राम के संग्राम के बाद अब सिंगूर की बारी?

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

[ad_2]

Source link

Leave a comment