पश्चिम बंगाल : बेटे के बाद अब पिता की बारी, TMC से एक और सीनियर की विदाई की तैयारी?

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बता दें कि शिशिर अधिकारी तृणमूल की स्थापना के साथ ही पार्टी के साथ हैं. लेकिन, जबसे उनके बेटे ने पार्टी बदली है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए उनका समर्थन बहुत स्पष्ट नहीं रह गया है. यहां तक कि बुधवार को उनका गुस्सा भी बाहर आ गया. उन्होंने यहां तक कहा है कि वो नहीं जानते हैं कि अब वो पार्टी में हैं या नहीं.

80 साल के अधिकारी बुधवार को कांठी में कोरोनावायरस वैक्सीन का दूसरा डोज़ लेने जा रहे थे. इस दौरान इस संबंध में पूछने पर उन्होंने कहा कि ‘कौन कह रहा है कि मैं तृणमूल में हूं? तृणमूल ने कहा है? जबसे शुभेंंदु ने पार्टी छोड़ी है, तबसे वो मेरे परिवार वालों और पूर्वजों को भला-बुरा कह रहे हैं. एक सज्जन कोलकाता से आए और शुभेंदु को मीर जाफर, एक धोखेबाज कहा. मुझे नहीं पता कि मैं तृणमूल में हूं या नहीं.’

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उन्होंने ममता की आलोचना करते हुए कहा, ‘जबसे शुभेंदु ने पार्टी छोड़ी है, तबसे वो यहां उसे कमजोर करने के लिए आ रही हैं. जो वो यहां कह रही हैं….वो बहुत ही शर्मनाक है, जिले के लिए और नंदीग्राम के लोगों के लिए.’ उन्होंने कहा, ‘कुछ दिनों पहले, उन्होंने कहा कि उनपर हमला हुआ है. कुछ लोगों ने विरोध किया तो फिर उन्होंने कहा कि नहीं, कार के दरवाजे से चोट लगी. उन्हें कैसे चोट लगी? कैसे डॉक्टर हैं? एक हल्का सा धक्का लगा और उन्होंने उन्हें प्लास्टर लगा दिया, व्हीलचेयर में बिठा दिया? किसी ने मुझसे कहा कि ऐसी ही कोई चीज एक मूवी में भी हुई थी. तो अब क्या करें. बैठकर सिनेमा देख रहे हैं.’

पीएम की रैली में शामिल होने के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा मौका बनता है तो मैं जरूर पीएम मोदी की रैली में जाऊंगा. मुझे इसमें कोई दिक्कत नहीं नजर आती.’ उन्होंने यह भी कहा कि अब वो वैक्सीन ले चुके हैं तो अगर उनके बेटे चाहें तो वो उनके लिए कैंपेनिंग भी करेंगे.

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तृणमूल कांग्रेस ने उनके अलगाव वाले रुख को यह कहकर खारिज कर दिया है कि ऐसा होना ही था. पार्टी के सांसद सौगत रॉय ने कहा कि ‘शिशिर अधिकारी 80 साल के हैं. इस उम्र में उन्हें थोड़ा आत्मसम्मान रखना चाहिए था और ‘दल बदलू’ नहीं बनना चाहिए था. पार्टी के साथ उनकी दूरी तय थी और इससे टीएमसी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा.’

शिशिर अधिकारी के बयानों से यह स्पष्ट हो गया है कि वो बीजेपी में जा सकते हैं. उनके छोटे बेटे सौमेंदु अधिकारी पहले ही बीजेपी में जा चुके हैं. तृणमूल के सदस्य रहे सौमेंदु को इस साल के शुरुआत में कांठी नगर निगम बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटा दिया गया था.

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