बंगाल में प्रजातांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात हो रहा है, ममता बनर्जी से ऐसी उम्मीद नहीं थीः जगदीप धनखड़ - SARKARI JOB INDIAN

बंगाल में प्रजातांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात हो रहा है, ममता बनर्जी से ऐसी उम्मीद नहीं थीः जगदीप धनखड़

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बंगाल में प्रजातांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात हो रहा है, ममता बनर्जी से ऐसी उम्मीद नहीं थीः जगदीप धनखड़

चुनाव बाद हुई हिंसा पर जगदीप धनखड़ ने ममता बनर्जी को घेरा।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल (West bengal) में विधानसभा चुनाव (WB Polls) के बाद हुई हिंसा पर राज्यपाल जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) ने ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) पर हमला बोला है. धनखड़ ने कहा, ”पश्चिम बंगाल में प्रजातांत्रिक मूल्यों पर कुठाराघात हो रहा है, हम कानून-व्यवस्था से दूर जा रहे हैं. इसकी शुरुआत चुनाव के दौरान ममता बनर्जी ने की, जब उन्होंने पहली बार जनता को चेतावनी दी कि केंद्रीय बल कब तक रहेंगे, उनके जाने के बाद कौन बचाएगा। मुझे उनसे इस प्रकार की उम्मीद नहीं थी. लोगों के घर किस तरह से बर्बाद हुए, व्यापारी संस्थानों का क्या हाल किया गया है. ये सब एक ही कारण से किया गया कि दुनिया के सबसे बड़े प्रजातंत्र में आपने इतनी बड़ी हिमाकत क्यों कर ली कि अपनी मर्जी से वोट दे रहे हो. क्या प्रजातंत्र में वोट देने की सजा मौत है.”

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पश्चिम बंगाल के राज्यपाल ने कहा, ”राज्य में लोग थाने जाने से डर रहे हैं. सत्ताधारी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पुलिस डरी हुई है. मैंने उनसे वापस आने का अनुरोध करता हूं, मैं अपने सीने पर गोली लूंगा. मैं सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ सीएम से बात करूंगा. उन्हें जनादेश मिला है. सीएम को टकराव से दूरी बना लेनी चाहिए.”

बता दें कि राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने सिलीगुड़ी में सीतलकुची का भी दौरा किया, जहां चुनाव बाद हुई हिंसा में पांच लोगों की मौत हो गई थी. धनखड़ हिंसा से प्रभावित लोगों से मिलने गए थे. इस दौरान उन्होंने घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने सीएम ममता की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्होंने (सीएम) शपथ लेने के बाद एसआईटी का गठन किया और एसपी को निलंबित कर दिया. मैं सीएम से पूछना चाहता हूं – जब पूरा राज्य जल रहा है, तो क्या आप कुछ और नहीं देख सकती हैं?

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने रणपगली में शिविर में शरण लिए हिंसा से प्रभावित लोगों से भी मुलाकात की. श्चिम बंगाल में चुनाव बाद हुई हिंसा के बाद बेघर हुए लोगों ने यहां शरण ली है. धनखड़ ने लोगों से मुलाकात की और उनके दर्द को सुना. हिंसा पीड़ित अपना दर्द बयां करते हुए भावुक हुए धनखड़ से लिपट कर रोने लगे.



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