भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ 'R0' फैक्टर एक साल के रिकॉर्ड स्तर पर, जानिए ये क्यों है अहम - SARKARI JOB INDIAN

भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ ‘R0’ फैक्टर एक साल के रिकॉर्ड स्तर पर, जानिए ये क्यों है अहम

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भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ 'R0' फैक्टर एक साल के रिकॉर्ड स्तर पर, जानिए ये क्यों है अहम

पिछले तीन दिनों में देश में कोरोना के 1 लाख 31 हजार नए मामले सामने आ चुके हैं (फाइल)

नई दिल्ली: भारत में पिछले तीन दिनों में देश में कोरोना के 1 लाख 31 हजार 750 नए मामले सामने आ चुके हैं. यह आर फैक्टर में उछाल की ओर भी इशारा करता है. ‘R’फैक्टर जिसे ‘R0’ या जिसे आरनॉट भी कहते हैं, यह संक्रमण बढ़ने की संभावना का संकेत देती है. ‘R’ फैक्टर पिछले साल अप्रैल के मुकाबले सबसे ऊंचे स्तर 1.32 तक पहुंच गया है.

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भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ‘R0’ यानी आरनॉट फैक्टर एक साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया है. आरनॉट बताता है कि कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति द्वारा दूसरे कितने व्यक्तियों को संक्रमित करने की संभावना है. दुनिया भर में ‘R’फैक्टर का इस्तेमाल कोरोना के आगे मामलों का अनुमान लगाने, उसे नियंत्रित करने और टेस्टिंग औऱ ट्रैकिंग को और बेहतर बनाने में किया जाता है.

तब अप्रैल में देश में 27 हजार से भी कम मामले थे. जबकि अभी की बात करें तो 22 मार्च 2021 को 46 हजार से ज्यादा मामले एक दिन में मिले हैं.आरनॉट बताता है कि कोरोना से संक्रमित एक व्यक्ति द्वारा दूसरे कितने व्यक्तियों को संक्रमित करने की संभावना है.दुनिया भर में ‘R’ फैक्टर का इस्तेमाल कोरोना के आगे मामलों का अनुमान लगाने, उसे नियंत्रित करने और टेस्टिंग औऱ ट्रैकिंग को और बेहतर बनाने में किया जाता है.

‘R’ फैक्टर 2.0 तक पहुंच जाने का मतलब है कि एक संक्रमित व्यक्ति दो अन्य लोगों तक संक्रमण फैला सकता है. इसी तरह वे दो अन्य व्यक्ति 4 को वायरस दे सकते हैं. इस तरह ये चेन बढ़ती जाती है.किसी भी महामारी की स्थिति ‘R’ फैक्टर 1 से नीचे रहना चाहिए तभी संक्रमण की चेन को तोड़कर उसे नियंत्रित किया जा सकता है. भारत में नवंबर के बाद से ‘R’फैक्टर लगातार कई हफ्तों तक 1.0 से नीचे रहा, तब कोरोना के मामले काफी तेजी से गिर रहे थे, लेकिन मामले बढ़ने के साथ आरनॉट भी ऊपर जाने लगा है.

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