महाराष्ट्र में करीब 3 महीनों में कोरोना के सबसे कम मामले, पिछले 24 घंटे में 233 मरीजों की मौत - SARKARI JOB INDIAN

महाराष्ट्र में करीब 3 महीनों में कोरोना के सबसे कम मामले, पिछले 24 घंटे में 233 मरीजों की मौत

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महाराष्ट्र में करीब 3 महीनों में कोरोना के सबसे कम मामले, पिछले 24 घंटे में 233 मरीजों की मौत

Maharashtra Lockdown News : महाराष्ट्र में अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई है

मुंबई: Maharashtra Coronavirus News Today: महाराष्ट्र में कोरोना के रविवार को 12,557 नए कोरोना के मामले मिले हैं, जो करीब तीन माह में सबसे कम मरीज हैं. महाराष्ट्र में 233 कोरोना मरीजों की मौत पिछले 24 घंटे के दौरान हुई है. राज्य में कोरोना की मृ्त्यु दर 1.72 फीसदी पर है. जबकि पॉजिटिविटी रेट (Maharashtra Positivity rate)  15.97 फीसदी पर बना हुआ है.  महाराष्ट्र में एक्टिव केस 1,85,527 रह गए हैं. जबकि रविवार को पिछले 24 घंटों के दौरान 14,433 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी दी गई. राज्य में रिकवरी रेट (Maharashtra Recovery Rate) 95.05 फीसदी है.

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महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में आई कमी के बाद अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की गई है. कुल 5 लेवल में यह अनलॉक किया जा रहा है और हर एक शहर या जिले में पॉजिटिविटी दर और ऑक्सीजन बेड के आधार पर ही छूट दी जा रही है. दो महीनों से अधिक समय तक महाराष्ट्र में कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी के वजह से लगी पाबंदी के बाद, राज्य सरकार ने नए आदेश जारी कर अनलॉक की प्रक्रिया शुरू की है.

जिन शहरों या जिलों में पॉजिटिविटी दर 5 फीसदी से कम है और जहां 25 फीसदी से कम ऑक्सीजन बेड इस्तेमाल हो रहे हैं, वो पहले लेवल पर हैं. इसमें कुल 10 जिले शामिल हैं, जिसमें नागपुर, अहमदनगर, चंद्रपुर, जालना शामिल. जहाँ पर पॉजिटिविटी दर 5 फीसदी से कम है, लेकिन ऑक्सीजन बेड का उपयोग 25 से 40 फीसदी के बीच हो रहा है, वो दूसरे लेवल पर हैं. इसमें हिंगोली और नंदुरबार जिले शामिल हैं.

5 से 10 फीसदी पॉजिटिविटी दर और 40 फीसदी से ज़्यादा ऑक्सीजन बेड का जहां इस्तेमाल किया जा रहा है, वो शहर और जिले तीसरे लेवल पर हैं. इसमें मुंबई, ठाणे, नाशिक, पालघर, औरंगाबाद जैसे  कुल 15 जिले शामिल हैं. 10 से 20 फीसदी पॉजिटिविटी दर और 60 फीसदी से ज़्यादा ऑक्सीजन  बेड का उपयोग जहां हो रहा है, वो शहर चौथे लेवल पर हैं. इसमें पुणे, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर, रायगढ़ जैसे जिले शामिल हैं

. 20 फीसदी से ज़्यादा पॉजिटिविटी दर और 75 फीसदी से ज़्यादा ऑक्सीजन बेड इस्तेमाल करने वाले शहर पांचवें लेवल में आएंगे. इसमें कोई भी ज़िला नहीं है. ज़िलों के स्तर पर ही ये  तय किया गया है कि कहाँ कितनी छूट दी जाएगी. पहले लेवल वाले जिलों को जहाँ सबसे ज़्यादा छूट मिलेगी, तो पांचवें लेवल वाले जिलों को सबसे कम.

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