Cyclone Yaas: चक्रवात यास कल दोपहर उत्तर ओडिशा में देगा दस्तक, जानें 10 बड़ी बातें - SARKARI JOB INDIAN

Cyclone Yaas: चक्रवात यास कल दोपहर उत्तर ओडिशा में देगा दस्तक, जानें 10 बड़ी बातें

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1. चक्रवात के पारादीप और सागर द्वीप के बीच उत्तर ओडिशा-पश्चिम बंगाल के तटों से गुजरने की संभावना है. महापात्र ने एनडीटीवी से बातचीत में हा कि यह वर्तमान में पारादीप (ओडिशा) से लगभग 220 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में स्थित है. इसके उत्तर-उत्तरपश्चिम की ओर बढ़ने और अगले 12 घंटों में और भीषण चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है.

2. यास 185 किमी. प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ उत्तर ओडिशा तट से सुबह 5.30 से 11.30 बजे के बीच टकरा सकता है. इसके बाद यह वहां के इलाकों को प्रभावित कर सकता है.

3. ओडिशा में करीब 14 लाख और बंगाल में पांच लाख लोगों को उनके घरों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. अधिकारियों ने कहा कि सामाजिक दूरी बनाए रखते हुए उन्हें आवास उपलब्ध कराना एक चुनौती है.

4. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य कमल किशोर ने एनडीटीवी को बताया कि उन्होंने अस्पतालों और स्वास्थ्य संगठनों को बिजली और ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए आकस्मिक व्यवस्था करने की सलाह दी है.

5. ओडिशा के जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, भद्रक और बालासोर जिलों के प्रभावित होने की संभावना है.

6. बंगाल में, पश्चिम मिदनापुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना जिलों और राज्य की राजधानी कोलकाता में 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है.

7. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घोषणा की है कि वह बचाव और राहत अभियान की निगरानी के लिए आज रात राज्य सचिवालय में रुकेंगी. राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने शाम को सचिवालय का दौरा किया.

8. एनडीआरएफ प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा कि पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में रिकॉर्ड 115 टीमों को तैनात किया गया है. बंगाल में, राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों के साथ, 54,000 अधिकारी और राहत कार्यकर्ता, 2 लाख पुलिस और होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे.

9. मौसम कार्यालय ने चेतावनी दी है कि तेज हवाएं बंगाल में तटीय क्षेत्रों और आसपास के क्षेत्रों में घरों को नष्ट कर सकती हैं, बिजली के खंभों को क्षतिग्रस्त या उखाड़ सकती हैं और रेलवे सेवाओं को बाधित कर सकती हैं.

10. बार-बार आ रहे चक्रवात के पीछे विशेषज्ञों ने जलवायु परिवर्तन को जिम्मेदार ठहराया है. 1999 के सुपर साइक्लोन ने ओडिशा में लगभग 10,000 लोगों की जान ले ली थी.

दिखने लगा ‘यास’ का असर, तटीय इलाकों में बारिश शुरू

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